Breaking News
अमृत

अमृत महोत्सव की धूम

-नेशनल वार्ता ब्यूरो-

देश में अमृत महोत्सव की धूम है। उत्तराखण्ड भी अमृत महोत्सव की लहर पर सवार होने जा रहा है। घर-घर तिरंगा अभियान अमृत महोत्सव का ही हिस्सा है। इस पावन अभियान में तिरंगे को दिल में उतारना है। केवल दिखाने के लिए लहराना ही नहीं है। मोदी जी की यह सोच भी बहुत कारगर है। मोदी जी देश के लोगों की ऊर्जा को सही दिशा में लगाना चाहते हैं। देश के अधिकतर लोगोें की ऊर्जा सही दिशा में लगेगी तो देश प्रगति करेगा। मोदी जी की दूरगामी सोच का ही नतीजा है कि वे इस तरह की योजनाएं बनाते हैं। भला, तिरंगे से किसी को क्या आपत्ति हो सकती है। तिरंगा अब हमारे स्वाभिमान का प्रतीक बन चुका है। अब तो देशद्रोह करने वाले लोग भी हाथों में तिरंगा थाम कर अपनी दुर्भावना पर काम करते हैं। तिरंगा ऐसे दुष्टों की भी मजबूरी बन चुका है। देश भक्त आदमी के लिए तिरंगा राष्ट्र का प्रतीक है। हालाँकि, तिरंगे को लेकर भी वादविवाद किया जा सकता है लेकिन समझदारी इसी बात में है कि हम कम से कम तिरंगे को वाद विवाद से दूर रखें। तिरंगा भारत की पहचान है और हम तिरंगे के नाम पर ही देश सेवा करते हैं। ऐसे पूजनीय तिरंगे के लिए कुछ भी किया जा सकता है। शायद मोदी जी यही संदेश देना चाहते हैं। उत्तराखण्ड में यह तिरंगा अभियान धीरे-धीरे गति पकड़ रहा है। 13-14 और 15 को यह अभियान अपने चरम पर होगा। इस अभियान के लिए हम सबको अपनी-अपनी हिस्सेदारी तय करनी है। हर घर में तिरंगा लहराएगा तो निश्चित रूप से देशप्रेम की भावना जागेगी। देशप्रेम की भावना सबसे पवित्र और महान भावना होती है। इस भावना को मान देने के लिए उत्तराखण्ड को बढ़-चढ़ कर हिस्सेदारी करनी चाहिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इसी योजना पर काम कर रहे हैं।

 

read also…..

Check Also

74वें गणतंत्र दिवस में स्वदेशी की छाप

-वीरेन्द्र देव गौड़ एवं एम एस चौहान इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर स्वदेशी …