अग्निवीर

नहीं चाहिएं ऐसे अग्निवीर

क्या देश अग्निवीरों की बानगी देख रहा है। नहीं, देश अग्निवीरों का जिहादी चेहरा भी नहीं देख रहा। देश मोदी के विरोधियों का पाप देख रहा है। ये मोदी विरोधी विद्यार्थियों की शक्ल में जिहादियों के तेवर लेकर देश की संपत्ति को आग लगा रहे हैं। देश देख रहा है। देश जानता है कि ये विद्यार्थी नहीं। ये पैसे लेकर काम करने वाले भटके युवा हैं जो मोदी विरोधियों की औलादें हैं। यही होता है मोदी साहब अनावश्यक रूप से झुक जाने का नतीजा। आप तीन अच्छे कृषि कानूनों के मामले में भी झुक गए थे। आप तेल बेचने वाले देशों के आगे भी झुक गए थे। एक नारी के सम्मान के लिए नहीं झुकना चाहिए था। दुनिया वाले समझ गए हैं कि आप झुकने के शौकीन हैं। आपके राजनीतिक विरोधी आपके एनडीए के अन्दर भी हैं। आप भी भलीभाँति यह सब जानते हैं। हम भी जानते हैं। कथित भविष्य के अग्निवीरों ने बिहार से आगजनी की शुरूआत करके यह साबित कर दिया कि लालू के दोनो बेटे नीतीश कुमार एण्ड कम्पनी से मिल कर आप से युद्ध लड़ रहे हैं। बिहार से आगजनी का सिलसिला उत्तर प्रदेश के बलिया और अलीगढ़ पहुँचा। फिर जिहादियोें की गोद में बैठा तेलंगाना का अंधविश्वासी मुख्यमंत्री भला कैसे चुप रहता। लिहाजा, वहाँ भी आगजनी हुई। मोदी विरोधी केन्द्र सरकार की एक शानदार और प्रगतिवादी योजना से घबरा गए। जो समय के साथ सार्थक बदलाव नहीं करते वे तबाह हो जाते हैं। केन्द्र सरकार की अग्निपथ स्कीम बहुत बढ़िया है। विरोधी भला इसे कैसे पचा सकते हैं। वे तो हर अच्छी योजना के विरोध में किसी भी हद तक जाने को तैयार बैठे रहते हैं। अगर, तरीके से जाँच पड़ताल की जाए तो देश में आगजनी करने वालों में मुश्किल से दो तीन प्रतिशत छात्र होंगे जिन्हें सेना में जाना है। भ्रष्टाचारी लालू के दोनों लड़के परदे के पीछे से खेल खेल रहे हैं। सभी विरोधी प्रसन्न होकर पूरे भारत को अग्निपथ बना देना चाहते हैं। इसी को कहते हैं जयचन्द वाली सोच। देश जाए भाड़ में हमें हमारी गद्दी मिले। मोदी की अच्छी योजनाओं के आगे पूरा विपक्ष फेल है। इसलिए, मोदी की अच्छी से अच्छी योजना को ये लोग जलाकर खाक कर देना चाहते हैं। ठीक उसी तरह जैसे ये लोग महँगी-महँगी रेलगाड़ियों और बसों को जला कर खाक कर रहे हैं। मो0 केजरूद्दीन का प्यादा पंजाब का मुख्यमंत्री कह रहा है कि मोदी ने सेना का अपमान किया है। अरे मान जी अपने राज्य को संभालो। तुम्हारे राज्य में आराजकता छाने वाली है। तुम्हें जिन लोगों ने जिताया है वे असली रंग में आने वाले हैं। अपने राज्य की चिंता करो। तुम देश को समझने लायक बुद्धि नहीं रखते हो। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को इन कथित भावी अग्निवीरों के साथ भी वही व्यवहार करना चाहिए जो जिहादियों के साथ किया जा रहा है। इनके घरों को भी चिन्हित करके तोड़ा जाना चाहिए। यदि इन्होंने कानून का उल्लंघन करके मकान बनाए हैं तो। इनसे भी वसूली की जानी चाहिए। इन्होंने तो जिहादियों के तेवर अपना लिए हैं। इनके तेवरों को ठण्डा करना भी बहुत जरूरी है। जैसे ही अग्निवीरों की भर्ती शुरू होगी असली परिक्षार्थी कतारों में लगे दिखाई देंगे। ये लोग जो तीन दिनों से आगजनी कर रहे हैं। ये विरोधी राजनीतिक दलों के गुर्गे हैं। ये मुर्गे खाकर बसों और रेलगाड़ियों में आग लगा रहे हैं। इनकी भी तुड़ान होनी चाहिए। इनको ब्लैकलिस्ट कर देना चाहिए ताकि ये किसी परीक्षा में शामिल ना हो पाएं। एक पढ़ा लिखा परीक्षार्थी कभी भी आगजनी नहीं कर सकता। केन्द्र सरकार को अपनी इस योजना को डंके की चोट पर आगे बढ़ाना चाहिए। बहुत हो गया झुकना झुकाना। अब कोई राकेश टिकैत पैदा नहीं होना चाहिए जो आंदोलन के नाम पर राजनीति करने का मंसूबा पाले हुए हो।

 

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