मोदी

सुबोध बोले हिटलर की मौत मरेगा मोदी

वरिष्ठ कांग्रेसी सुबोध कांत सहाय क्रोध की ज्वाला में फट पड़े और बोले मोदी ने हिटलर की सारी सीमाएं पार कर दी हैं। यह मोदी हिटलर की मौत मरेगा। कोई नई बात नहीं है यह। देश के प्रधानमंत्री को सोनिया गाँधी ने मौत का सौदागर कहा था। उनके एक नेता मणि शंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री को नीच कहा था। इरफान अंसारी ने भी प्रधानमंत्री को गलियाया था। कथित किसान आंदोलन के दौरान मर जा मोदी के नारे लगवाए गए थे। गैर कानूनी, गैर संविधानिक और अनैतिक कथित आंदोलन शाहीन बाग आंदोलन के दौरान 5-5 साल के बच्चों से बोलवाया गया था कि वे मोदी को जान से मारेंगे। ऐसे मौकों पर वरिष्ठ कांग्रेसी सलमान खुर्शीद रीढ़ की हड्डी तान कर शाहीन बाग में उपस्थित रहा करते थे। क्या वाकई ये कथित आंदोलन किसी भी नजरिए से आंदोलन कहे जा सकते हैं। क्या अग्निवीर के बहाने बरपाए गए विध्वंसक कांड आंदोलन की श्रेणी में आते हैं। जैसे-जैसे मोदी के विपक्षियों को यह दिखाई दे रहा है कि लोग अग्निपथ को समझने लगे हैं, ये पगलाए जा रहे हैं। शेख हुसैन ने भी प्रधानमंत्री मोदी को सुबोध कांत सहाय के अंदाज में गालियाँ दी थी। अब देखिए, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को कोई तू भी बोल देता है तो वहाँ बोलने वाले के खिलाफ कोहराम मचा दिया जाता है। शिवसैनिक उस आदमी को ठोकने के लिए निकल पड़ते हैं। महाराष्ट्र का कानून उस आदमी को अपने फंदे में कस लेता है। देश का सूरतेहाल बहुत बदहाल है। राजपाठ के लिए राजनेता जयचन्द बनने को तत्पर रहते हैं। सुबोध कांत सहाय ने प्रधानमंत्री को ऐसे भद्दे अंदाज में कोस कर कांग्रेस के पतन पर मोहर लगा दी है। देश की नई पीढ़ी को ये कथित राजनेता क्या संदेश दे रहे हैं। ये तो जिहादियों की भाषा बोल रहे हैं। कुछ ही रोज पहले जयपुर से एक जिहादी ने मोदी को मदारी करार दिया था। वही भाषा सुबोध कांत सहाय बोल रहे हैं। क्या मोदी के विपक्षियों और जिहादियों में अंतर समाप्त होता जा रहा है ?

 

 

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