नूपुर शर्मा को भाजपा ने चौराहे पर छोड़ा

-वीरेन्द्र देव गौड़, पत्रकार, देहरादून

भाजपा ने सही किया या गलत किया यह तो आने वाला समय बताएगा लेकिन नूपुर शर्मा को दूध में पड़ी मक्खी की तरह अलग कर देना बहुत निंदनीय है। भाजपा को किसी भी दबाव का सामना करना था। संसार की सबसे बड़ी पार्टी को किसी भी दबाव के आगे झुकना नहीं था। एक नारी के साथ यह व्यवहार इतिहास याद रखेगा। भाजपा के इस व्यवहार से हिन्दू का कमजोर होना तय है। भाजपा को किसी भी हद तक जाकर नूपुर शर्मा के साथ बने रहना चाहिए था। चुप रहकर विरोधियों का सामना करना चाहिए था। वे 350 सालों से ज्ञानवापी के शिवलिंग में थूकते आए हैं। यानि कुल्ला करते आए है। हाथ पैर धोते आए है। शिवलिंग को नए-नए नाम दे रहे है। क्या यह हमारे भगवान का घोर अपमान नहीं। हमें क्यों नहीं गुस्सा आ रहा है। क्या हमने संसार भर के पापों को सहने की कसम खा रखी है। क्या हमने पिटते रहने की सौगंध खा रखी है। क्या हम गाली खाने के लिए ही धरती पर आए है। क्या हम लुटते-पिटते और कटते रहेंगे। वे हमें जब चाहें जैसे चाहें बेइज्जत करते रहेंगे। हमारे शिवलिंगों और मूर्तिया का मजाक बनाते रहेंगे। हमारे छीने हुए मंदिरों को हमें वापस नहीं करेंगे। हमारे ऊपर कानपुर कांड, कैराना कांड, मालदा और धूलागढ़ कांड आजादी से पहले 1946 का डायरेक्ट एक्शन डे कांड और अनगिनत कांड करते रहेंगे। साथ में हमें धमकाते भी रहेंगे। सच बोलने पर टुकड़े-टुकड़े करने की धमकियाँ देंगे। इनके मौलवियों, मुफ्तियों और काजियों के खून-खराबे के भाषणों के सैकड़ों वीडियो भारत में उपलब्ध है परन्तु आज तक किसी पर कोई प्रतिक्रिया तक नहीं हुई। किसी कोर्ट ने स्वतः संज्ञान नहीं लिया। कोई हिन्दूवादी संगठन नहीं भड़का। कैसे मुकाबला करेंगे जिहाद और जिहादी आतंक का। भारत का भविष्य साफ-साफ दिखाई दे रहा है। अब कोई हिन्दू नूपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल बनने की हिम्मत नहीं करेगा। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भी यही संदेश दे रही है। अर्थात् यह पार्टी भी तुष्टीकरण यानि दुष्टीकरण की राह पर चल पड़ी है। अब तो कहना पड़ रहा है भगवान राम ही रक्षा करेंगे। एक नारी के साथ यह व्यवहार तर्कसंगत नहीं।

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