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फूंक मारकर कैंडल बुझाने से कीटाणुओं से भर जाता है केक

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केक पर लगी कैंडल्स को बुझाने से पहले आप भी हर बार विश जरूर मांगते होंगे लेकिन अब की बार अपने बर्थडे केक पर लगी कैंडल्स बुझाने से पहले अपनी अच्छी सेहत की विश भी जरूर मांगें। ऐसा इसलिए क्योंकि वैज्ञानिकों का दावा है कि केक पर लगी मोमबत्तियों को फूंक मारकर बुझाने से केक बैक्टीरिया से भर जाता है। अमेरिका की क्लेमसन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा की बर्थडे केक पर लगी कैंडल्स बुझाते समय केक पर थूक फैल जाता है जिसके कारण केक पर 1400त्न बैक्टीरिया बढ़ जाता है। जर्नल ऑफ फूड रिसर्च में प्रकाशित इस स्टडी के शोधकर्ताओं के मुताबिक, बर्थडे कैंडल्स को फूंक मारकर बुझाने की परंपरा की शुरुआत के पीछे अलग-अलग मान्यताएं हैं। कुछ मान्यताएं कहती हैं कि यह परंपरा प्राचीन ग्रीस में शुरू हुई जिसके तहत केक पर जली हुई मोमबत्ती लगाकर हंट की देवी आर्टिमिस के मंदिर ले जाया जाता था। तो वहीं कुछ दूसरी प्राचीन सभ्यताएं मानती हैं कि कैंडल बुझाने के बाद उससे निकलने वाला धुंआ आपकी मन्नत और प्रार्थनाओं को भगवान तक लेकर जाता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक इंसान के सांस में मौजूद बायोएरोसोल बैक्टीरिया का सोर्स है जो फूंक मारने पर केक की सतह पर फैल जाता है। इंसानों का मुहं बैक्टीरिया से भरा होता है. हालाकिं इनमें से ज्यादातर बैक्टीरिया हानिकारक नहीं होते हैं। लेकिन अगर कोई बीमार व्यक्ति कैंडल्स को बुझा रहा है तो उस केक को खाने से अवॉइड करें।

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