शेर

प्रधानमंत्री मोदी के शेरों की स्पष्ट चेतावनी

नए संसद भवन पर प्राण प्रतिष्ठित किए गए अशोक की लॉट वाले चार शेर दहाड़ रहे हैं। वे खामोश नहीं हैं। वे कह रहे हैं कि भले ही सम्राट अशोक किन्हीं कारणों से हिन्दू धर्म से पलायन करके बौद्ध बन गए परन्तु वे महान सम्राट थे। उनके चार शेर जो सारनाथ से लिए गए हैं शक्ति का प्रमाण हैं। शक्ति के बिना कुछ नहीं होता। शक्ति से ही सुरक्षा होती है। मोदी ने चार शेर वाला स्तम्भ लगाकर मजबूत हो रहे भारत का भान कराया है। चारों दिशाओं में दहाड़ते शेर भारत की चारों दिशाओं में  प्रसिद्ध का संकेत है। लोगों को मोदी के इस प्रयास का स्वागत करना चाहिए। विपक्षियों ने तो मोदी के इस अभियान को रोकने की पूरी कोशिश की थी। विपक्षी कह रहे थे कि नए संसद की क्या जरूरत। मोदी को कोरोना नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए ना कि नए संसद भवन के निर्माण पर। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी अदालत भी गए थे लेकिन अदालत ने निर्माण पर रोक लगाने से मना कर दिया था। पुरानी संसद की जगह नई संसद का निर्माण और साथ में अन्य भवनों का निर्माण देश के लिए बहुत जरूरी है। मोदी जी देश के भविष्य को सँवार रहे हैं। विपक्ष मोदी से चाहता था कि वे देश में चल रहे निर्माण कार्यों को रोक दें और कोरोना पर काम करते रहें। विपक्ष को मोदी की यही कार्यकुशता रास नहीं आती। मोदी जी की कार्यकुशलता से उनकी राजनीति खतरे में पड़ रही है। सबका अपना-अपना एजेंडा है। मोदी जी 2047 तक भारत को नम्बर वन बनाना चाहते हैं। जिहादी 2047 तक भारत को मुस्लिम राष्ट्र बना देना चाहते हैं। देश भक्त हिन्दू जल्दी से जल्दी भारत को  हिन्दू  राष्ट्र बना देना चाहते हैं। मोदी के विपक्षी जल्दी से जल्दी मोदी को हटा कर अपनी सरकार लाना चाहते हैं। भले ही देश का बेड़ा गर्क हो जाए। लिहाजा, किसी में हिम्मत नहीं कि वह मोदी जी के बढ़ते कदमों को रोक सके।

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