23 वर्षीय प्रियांशुल सैनी की अचानक मृत्यु से सदमे की लहर

-नेशनल वार्ता ब्यूरो-

देहरादून, माजरा माफी के एक नौजवान छात्र प्रियांशुल का अचानक हृदय गति रूकने से मौत के मुँह में चला जाना पूरे देहरादून के लिए सदमा लेकर आया। इस नौजवान को किसी तरह की बीमारी नहीं थी। अचानक रात को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उसके पिता जी उसे चिकित्सक के पास ले जाने के लिए निकले लेकिन रास्ते में ही प्रियांशुल इस दुनिया को छोड़ गया। यह खबर जंगल की आग की तरह फैली और दिवंगत प्रियांशुल के घर पर शोकाकुल लोगों की भीड़ लग गई।  एक स्वस्थ नौजवान जो रोगी भी नहीं है। वह अचानक हृदय पर आघात से चल बसे। प्रियांशुल की अचानक और अकाल मृत्यु पूरे देहरादून के लिए शोक का विषय है।  हम सब इस विपदा की घड़ी में प्रियांशुल के प्रियजनों के साथ हैं। यह दुर्घटना झकझोर कर रख देने वाली है। यह भी शोध का विषय है कि क्या प्रियांशुल सैनी के हृदय को लगने वाला यह पहला आघात था। अमूमन यह माना जाता है कि पहला आघात जानलेवा नहीं होता। वह केवल चेतावनी देकर चला जाता है। पहले हृदय आघात को चिकित्सक ठीक कर देते हैं। इस मामले में प्रियांशुल को वह पहला मौका क्यों नहीं मिला। हैरतअंगेज मृत्यु हुई इस निर्दाेष नौजवान की।

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