देहरादून

देहरादून में आपदाओं की आहट

-नेशनल वार्ता ब्यूरो-

प्रदेश के कई जनपदों मेें भारी बारिश होने का अलर्ट कर दिया गया है, बल्कि 12वीं तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। ऊपर पहाड़ों पर भारी बारिश के चलते भू-स्खलन की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। सरकार ने स्थानीय प्रशासन को हर समय मुस्तैद रहने के लिए निर्देश दे दिए हैं। आपदाओं की आहट से देहरादून पौड़ी और नैनीताल जिले भयभीत हैं। इन तीनों जिलों में बाढ़ की आशंका बनी हुई है। भू-स्खलन के खतरे भी बरकरार हैं। देहरादून के बरसाती नाले भारी बरसात में खतरे की जद में रहते हैं। रिस्पना और बिंदाल ऐसे ही दो नदियाँ हैं जिनके किनारे की बस्तियाँ इस मामले में संवेदनशील हैं। हाँलाकि, सरकार ने रिस्पना और बिंदाल में जगह-जगह सुरक्षा दीवार यानी पुश्ते लगा रखे हैं। फिर भी खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इसी तरह सौंग नदी के अगल-बगल की बस्तियों को भी खतरा बना हुआ है। हाँलाकि सरकार ने एसडीआरएफ सहित सभी आपदा ऐजेंसियों को सावधान कर दिया है लेकिन बाढ़ की स्थिति में ऐसे क्षेत्रों में रह रहे लोगों को भी अपनी ओर से सावधान रहना पड़ेगा। जनपद देहरादून के कई अन्य हिस्सों में बरसाती नदियों में भी बाढ़ का खतरा बताया जा रहा है। पौड़ी गढ़वाल में भी अतिवृष्टि के कारण भू-स्खलन और बाढ़ से नुकसान होने की आशंका है। नैनीताल जनपद में भी कई जगह हर साल खतरे बने रहते हैं। इन जनपदों में सरकारी ऐजेंसियों को चौकस रहना पड़ेगा। बड़ी विपदा के हालात में केन्द्रीय आपदा ऐजेंसियों की मदद लेने की जरूरत पड़ सकती है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बारहवीं तक की कक्षाओं को आज स्कूल से मुक्त रखा गया है। यह अच्छा प्रयास है।

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