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चार नवम्बर सागर गिरि आश्रम में तुलसी की शादी

-वीरेन्द्र देव गौड़ एवं एम एस चौहान

कल यानी चार नवम्बर का दिन सागर गिरि आश्रम क्षेत्र के लोगों के लिए बहुत अहम् दिन होने जा रहा है। पूज्य अनुपमा नंद गिरि महाराज और पूज्य व्यास शिवोहम बाबा तुलसी की शादी की सनातन परम्परा का धार्मिक समारोह संपन्न करेंगे। इस धार्मिक समारोह के लिए ठाकुर सहसबीर सिंह जी के घर के आंगन की पूज्य तुलसी को विस्थापित कर धार्मिक समारोह के साथ सागर गिरि आश्रम ले जाया जाएगा। वहाँ व्यास शिवोहम बाबा तुलसी की शादी संपन्न कराएंगे। यह धार्मिक रीति सनातन परम्परा की एक बहुत बड़ी देन है। इस धार्मिक परम्परा में पूज्य तुलसी के पौधे को मानव का रूप समझा जाता है। जो सभी की मनोकामनाएं पूरी करता है और सभी के हृदय को पवित्र करता है। यह धार्मिक समारोह सोच को पावन करने का माध्यम होता है। सनातन धार्मिक रीतियाँ मूल रूप से वैज्ञानिक होती हैं। आंगन में लगा तुलसी का पौधा आंगन की हवा को स्वच्छ कर देता है। खतरनाक कीट पतंगों को भी घर से दूर रखता है। महंत अनुपमा नंद गिरि महाराज और व्यास जी शिवोहम बाबा हरि ओम् आश्रम कड़वा पानी से रोज की तरह पधारते हैं। क्योंकि बीते एक महीने से धार्मिक प्रभात फेरी का अखंड आयोजन चल रहा है। कल भी रोज की तरह प्रभात फेरी का आयोजन तो होगा ही इसके बाद तुलसी पूजन और तुलसी शादी समारोह सम्पन्न होगा। श्रद्धालुओं से अपेक्षा कि वह इस दिव्य समारोह में हिस्सा लेकर सनातन परम्परा की इस श्रेष्ठ रीति का भरपूर लाभ उठाएं। पूज्य तुलसी और पूज्य शालिग्राम की यह शादी हिन्दू रीति-रिवाजों का एक खास अध्याय है। तुलसी पूजा कथा के माध्यम से इसकी महत्ता को समझा जा सकता है। सागर गिरि आश्रम परिसर में दिन में भण्डारा भी आयोजित है। इस भण्डारे में प्रसाद ग्रहण कर पुण्य अर्जित करें।

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