जनसंख्या

जनसंख्या नियंत्रण सबके लिए आवश्यक

भारत में जनसंख्या विस्फोट के कुप्रभाव साफ-साफ दिखाई दे रहे हैं। जनसंख्या में बेलगाम बढ़ोत्तरी विकास की गति पर बुरा असर डाल रही है। देश में दो बच्चों का कानून बनना चाहिए। यह कानून सब पर लागू होना चाहिए। जिसके दो से अधिक बच्चे हों उसे देश की नागरिकता से वंचित कर दिया जाना चाहिए। जब देश की नागरिकता नहीं होगी तो ऐसे व्यक्ति के सारे अधिकार छिन जाएंगे। वह अभारतीय बन जाएगा। ऐसा अभारतीय जीवन भर पछताएगा। तभी ऐसे लोगों को कानून का मतलब समझ में आएगा। आज सबसे बड़ा धर्म है दो बच्चे। जो व्यक्ति एक बच्चे पर ठहर जाए उसे तरह-तरह से पुरस्कृत किया जाना चाहिए। ऐसे व्यक्ति को देश भक्त करार दिया जाना चाहिए। योगी जी तो एक प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। वे एक सीमा तक ही बोल सकते हैं। लेकिन भारत के युवाओं को आगे आना होगा और अधिक से अधिक दो बच्चों का नारा लगाना होगा। दो से अधिक बच्चे वालों को देश में नागरिक का एक भी अधिकार नहीं मिलना चाहिए। वह ऐसी स्थिति में स्वयं को एक जंगल में पाएगा। जहाँ उसका दम घुटेगा और वह समाप्त हो जाएगा। लोकतंत्र का मतलब यह नहीं होता कि आप जनसंख्या बढ़ाते चले जाएं और अराजकता के बीज बोते चले जाएं। योगी जी ने ठीक कहा कि हम अराजकता की ओर बढ़ रहे हैं। इसमें दो राय नहीं कि योगी जी एक दूर दृष्टि वाले नेता हैं। उनके अन्दर एक भारत तो क्या पूरे एशिया को सँभालने की क्षमता है। योगी जी की बातों को हमें गंभीरता से लेना है। हमें जनसंख्या नियंत्रण के मामले में एक पल की देरी नहीं करनी चाहिए। क्योंकि एक पल में भारत 40 बच्चे पैदा कर देता है। अगर हम जनसंख्या पर नियंत्रण न रख सके तो हमारे विकास कार्य धरे के धरे रह जाएंगे। हम बर्बाद हो जाएंगे। तब वाकई मोदी के विपक्षियों की मुराद पूरी हो जाएगी। भारत के हाल श्रीलंका जैसे ही हो जाएंगे।

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