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बाबा केदार की झांकियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

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कोटद्वार (संवाददाता)। श्री सिद्धबली बाबा वार्षिकोत्सव अनुष्ठान महोत्सव 2018 के दूसरे दिन सिद्धबली मंदिर परिसर में लोकगायिका संगीता ढौंढियाल और साथियों ने भजनों से ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु झूमते नजर आए। शनिवार को भजन संध्या का शुभारंभ माता की वंदना से हुआ। इसके बाद लोकगायिका संगीता ढौंढियाल के भजनों का ऐसा जादू चढ़ा कि श्रोता मदमस्त हो नाचने लगे। उन्होंने राजी खुशी राखि सिद्धबली बाबा.तेरी डोली सजीगे मां. जौ जस दियां सिद्धबली बाबा.,देवी ज्वाल्पा तू देणी ह्वेजा.मधुर मुरली बजैगे., मेरा भोले बाबा कैलाश मा.. भजनों की प्रस्तुतियां से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान नंदा राजजात यात्रा व बाबा केदार की झांकियों ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोक गायक रजनीकांत सेमवाल की ओर से दी गई तेरा जलसा निराला मां व जै गंगे मा, भजले शिव का नाम की प्रस्तुतियों से लोगों को भावविभोर कर दिया। संगीत निर्देशक विनोद चौहान के नेतृत्व में गौरव मैठाणी ने तबला, रवि थापर ने ऑक्टोपैड, कमलेश नौटियाल ने बांसुरी, सुभाष पांडे ने ढोलक संभाला। संचालन प्रमोद रावत ने किया।
महोत्सव के दूसरे दिन मंदिर में भारी तादाद में मेले में श्रद्धालु उमड़े। आलम यह रहा कि बदरीनाथ मार्ग पर दोपहर बाद से ही चहल-पहल शुरू हो गई थी, जो कि देर शाम तक जारी रही। मेले के दौरान चल रहे विशाल भंडारे में भी बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मेले में उमडऩे वाली भीड़ से दो रोटी कमाने के प्रयास में सिद्धबली मंदिर व बाजार में नजीबाबाद व आसपास के क्षेत्रों से मेले में दुकान सजाने वाले भारी संख्या में पहुंचे। मुख्य बाजार, गिवईस्त्रोत से लेकर वन विभाग, सिद्धबली पुल व सनेह रोड के दोनों ओर विभिन्न तरह की दुकानें सजाई गई हैं। खिलौने, फास्टफूड से लेकर मिठाई व खाने के ढाबे भी खोले गए हैं। एकादश कुंडीय यज्ञ का दूसरा दिन मेले के दूसरे दिन भी एकादश कुंडीय यज्ञ दूसरे दिन भी जारी रहा। वेदपाठी आचार्य देवी प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने हवन सामग्री लाकर आहुतियां दी।

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