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गंगा आरती में सहभाग करेंगे जी-20 डेलिगेट्स, प्रतिनिधि और अतिथि: स्वामी चिदानंद

ऋषिकेश (दीपक राणा) । परमार्थ निकेतन गंगा आरती में जी-20 डेलिगेट्स, प्रतिनिधिमंडल और अतिथि 24 मई, 2023 को सहभाग कर रहे हैं। भारत की जी-20 अध्यक्षता महाउपनिषद् के सूत्र ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ की थीम पर आयोजित किया जा रहा है जिसका तात्पर्य पूरी दुनिया एक परिवार है’। साथ ही यह मिशन लाइफ  (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। परमार्थ निकेतन गंगा आरती के माध्यम से जी-20 डेलिगेट्स, प्रतिनिधि और अतिथियों को उत्तराखंड, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को अनुभव करने तथा इन दिव्य पलों और झलकियों को आत्मसात करने का अवसर प्राप्त होगा। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि “भारत की जी-20 अध्यक्षता एकता की सार्वभौमिक भावना को बढ़ावा देने का कार्य करेंगी। भारत की जी-20 प्रेसीडेंसी सभी भारतीयों के लिये एक ऐतिहासिक क्षण है, जिसके माध्यम से हम ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ ‘विश्व एक परिवार है’ के दर्शन पूरे विश्व को करा सकते हैं। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि हमारी धरती एक, हम सब एक, हमारा भविष्य भी एक क्योंकि हम सभी एक दूसरे से जुड़े हुये हैं। न केवल मनुष्य बल्कि धरती पर रहने वाले सभी प्राणधारी एक-दूसरे से जुड़े हुये हैं। केवल मानव ही नहीं बल्कि पूरी मनुष्यता और माटी का हर कण एक-दूसरे से जुड़ा है और एक-दूसरे पर आश्रित है, इसलिये वसुधैव कुटुम्बकम् पर चिंतन करना जरूरी है। इस चितंन के साथ ही जीवन का विकास करें ताकि हमारी धरती और धरती की संतानें भी सुरक्षित रह सकें। यह चिंतन अपने आप में अनूठा चिंतन है और अद्भुत अनुभव है। आने वाली सदियों और पीढ़ियों को विश्व मंगल के ये सनातन सूत्र संदेश भी देंगे और मार्गदर्शन भी करेंगे। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने भारत के कर्मठ, कर्मयोगी और ऊर्जावान प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी, को उत्तराखंड में जी 20 बैठकों की मेजबानी तथा परमार्थ निकेतन गंगा आरती जैसे दिव्य और अलौकिक अनुभव हेतु अवसर प्रदान करने के लिये धन्यवाद दिया। उत्तराखंड में जी – 20 की 3 अद्भुत बैठकंे आयोजित होगी यह पूरे उत्तराखंड के लिए अद्भुत अवसर है।  स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि जी-20 डेलिगेट्स उत्तराखंड के सौंदर्य, सुरम्यता, संस्कृति, विरासत और विशिष्टताओं को देखकर निश्चित रूप से अभिभूत होंगे। हमारे राज्य की कर्मठ सरकार और पूरा प्रशासन विगत कई महीनों से अथक प्रयास कर रहे हैं, रातदिन एक कर इस नगरी को दिव्य और भव्य स्वरूप प्रदान किया है। यह केवल किसी एक शहर, प्रदेश की नहीं बल्कि पूरे देश की बात है इसलिये सभी मिलकर प्रयास करें और अपने इस शहर को स्वच्छ, सुन्दर और पूरे वातावरण को दिव्य बनाये रखें और इस गरिमामय पल को गौरव प्रदान करें।

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