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संकल्प हो ऐसा हमारा, ज्ञान की ज्योति जलाए शिष्य हमारा: प्रधानाचार्य

◆संकल्प हो ऐसा हमारा ,संस्कारवान शिक्षा से ज्ञान की ज्योति जलाए शिष्य हमारा ◆               

 ◆शिष्य के बिना शिक्षक अधूरा◆                     

◆भारत की गुरु शिष्य की जन्म जन्मांतर से चली आ रही परम्परा को नमन◆

◆शिक्षक  शिक्षिकाओं ने शिक्षक दिवस पर डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को किया याद ◆         

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देहरादून/ ऋषिकेश (दीपक राणा)! आवास विकास  स्थित-*सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज* के योग सभागार में दिनांक 5 सितम्बर2020 दिन -शनिवार को  शिक्षक दिवस पर एक सूक्ष्म कार्यक्रम का आयोजन किया गया!  कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्रधानाचार्य श्रीमान राजेंद्र प्रसाद पांडे व  शिक्षक चंद्रप्रकाश डोभाल ने संयुक्त रूप से डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन कर किया ! इसके पश्चात कार्यक्रम में कॉलेज के गणित विषय के प्रवक्ता श्रीमान सुनील बलूनी ने शिक्षक दिवस की महत्ता को बताते हुए डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के इतिहास का संक्षेप में वर्णन किया , ओर कहा कि एक छात्र के जीवन में शिक्षक का बहुत अधिक महत्व होता है पहले माता-पिता और फिर  दूसरा शिक्षक होता है , ओर सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी!  कार्यक्रम  में  कॉलेज के प्रधानाचार्य श्रीमान राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय  ने अपने संबोधन में  पूर्व राष्ट्रपति और श्रेष्ठ शिक्षक डाॅ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को याद करते हुये कहा कि एक ऐसा व्यक्तित्व जिसने प्राचीन गुरू – शिष्य परम्परा को एक नया आयाम दिया । शिष्य का समर्पण और गुरू की कृपा का ज्ञान के माध्यम से बरसना तथा ज्ञान का आदान-प्रदान ही    कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षक मीडिया प्रभारी नरेन्द्र खुराना ने सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे जीवन में  शिक्षकों का बहुत अधिक महत्व है आज जो कुछ भी हम हैं उन्हीं की बदौलत है,  हमारे माता पिता ,गुरु हमे सदैव मार्गदर्शन देते रहते है ,हमे उनका  जिन्दगी भर शुक्रगुजार रहना चाहिए और  उनके कर्मों को हमें भूलना नहीं चाहिए !         

कार्यक्रम में परीक्षा प्रभारी सतीश चौहान  ने सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी ,ओर कहा कि  शिक्षक का कोई मोल नहीं है  वह अनमोल है हमे उनका सदैव सच्ची श्रद्धा के साथ सम्मान करना चाहिए ओर उनकी आज्ञा का पालन करना चाहिए!  कार्यक्रम का संचालन  रामगोपाल रतूड़ी द्वारा किया गया  !   कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिक्षक – वीरेन्द्र कंसवाल,नरेन्द्र खुराना , राजेश शर्मा ,नागेन्द्र पोखरियाल, अनिल भंडारी,रश्मि गुसाईं, रजनी गर्ग, आरती बड़ोनी ,अजीत रावत ,जितेन्द्र कुमार ,राजेश बड़ोला,सन्दीप कुमार, कान्ता प्रसाद देवरानी ,सचिदानंद नोटियाल आदि उपस्थित रहे!

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