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नोडल अधिकारी निदेशक, डॉ० सुनिता टम्टा ने जिला चिकित्सालय का भ्रमण किया गया एवं डेंगू के 03 संदिग्ध मरीजों से उनका स्वास्थ्य का हालचाल जाना

देहरादून। सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखण्ड के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जनपद उत्तरकाशी में डेंगू रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु नामित नोडल अधिकारी निदेशक, डॉ० सुनिता टम्टा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखण्ड द्वारा जिला चिकित्सालय का भ्रमण किया गया एवं डेंगू के ०३ संदिग्ध मरीजों से उनका स्वास्थ्य का हालचाल जाना। निदेशक द्वारा जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड, आई०सी०यू० वार्ड, जनरल वार्ड, कार्डियेक केयर यूनिट, पैथालॉजी लैब, ऑक्सीजन प्लांट, चन्दन लैब, लेबर रूम, आई०डी०एस०पी० डी०पी०एच०एल० लैब का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला चिकित्सालय में साफ-सफाई एवं व्यवस्था को चाक-चौबन्द सुनिश्चित किये जाने हेतु प्रमुख अधीक्षक को निर्देश दिये गये। साथ ही क्रिटिकल केयर ब्लॉक हेतु चयनित स्थान का निरीक्षण किया गया। इसके उपरांत निदेशक, डॉ० सुनिता टम्टा द्वारा जिला चिकित्सालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में सर्वप्रथम ओ०पी०डी० रजिस्टर, पैथालॉजी लैब में ०२ माह से आये बुखार से पीडित मरीजों की रिपोर्ट ली गई एवं आयुष्मान कार्ड व आभा आई०डी० प्रगति के संबंध में जानकारी ली गई। इसके साथ ही आई०डी०एस०पी० अनुभाग में डेंगू मरीजों की रिपोर्ट की आई०एच०आई०पी० पोर्टल पर समीक्षा की गई। जनपद उत्तरकाशी मंे डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाये जा रहे अभियान के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली गई एवं अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि डेंगू से बचाव व रोकथाम के लिए प्रभावी समन्वय के साथ तत्काल आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाए। उनके द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जिले के सभी चिकित्सालयों में निरंतर व्यवस्था की जांच करने, पर्याप्त डेंगू रेपिड टेस्ट किट की उपलब्धता, साफ-सफाई, फांगिग एवं डेंगू वार्ड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। निदेशक द्वारा संभावित डेंगू मरीज के निवास स्थान भटवाड़ी रोड़, उत्तरकाशी पर जाकर उनके घर सर्वे किया गया जहां पर डेंगू का लार्वा नही पाया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० आर०सी०एस० पंवार द्वारा बताया गया कि डेंगू रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु जनपद में निरंतर वृह्द स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। जनपद में तैनात आशा कार्यकत्रियों एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा स्कूलों एवं घर-घर जाकर डेंगू की रोकथाम व नियंत्रण हेतु गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है एवं घर-घर जाकर सर्वेक्षण कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है। आशा कार्यकत्रियों एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यकताओं द्वारा आतिथि तक ६७७५६ घरों का सर्वे कर, ८३१४९ कन्टेनरों का परीक्षण किया गया जिसमें डेंगू का कोई भी लार्वा नही पाया गया। आशाओं द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निरन्तर सोर्स रिडक्शन एवं प्रचार-प्रचार की गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं इसके साथ ही सभी चिकित्सा इकाईयों को पर्याप्त मात्रा में डेंगू रेपिड टेस्ट किट उपलब्ध करायी गयी हैं। डॉ० पंवार द्वारा बताया गया कि आतिथि तक जिला चिकित्सालय में डेंगू किट से १८८ टेस्ट किये गये जिसमें १५ एलाइजा पॉजिटिव पाए गए जो कि जिला चिकित्सालय से उपचारित होकर घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। सभी १५ डेंगू संभावित रोगियों की टेऊवल हिस्ट्री बाहर मैदानी क्षेत्रों से है।
इस अवसर पर प्रमुख अधीक्षक डॉ० बी०एस० रावत, डॉ० सुजाता सिंह, डॉ० बी०एस० पांगती, डॉ० पी०एस० पोखरियाल, डॉ० विकास सेमवाल, डॉ० बीना रमोला, डॉ० अदिति बिष्ट, जे०के०एस० बमपाल, हरदेव राणा, अनिल सिंह एवं धीरेन्द्र राणा उपस्थित रहें।

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