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सड़क दुर्घटनाएं नहीं हो इसके लिए हो समुचित प्रयास: मुख्य सचिव

-सड़क सुरक्षा की राज्य स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर (जनसंपर्क विभाग)। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाएं नहीं हो इसके लिए परिवहन विभाग और संबंधित सभी विभागों द्वारा समुचित समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा के व्यापक प्रबंधन के लिए कार्ययोजना के तहत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। मुख्य सचिव आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सड़क सुरक्षा के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्य सचिव ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाओं के कारणों को जानने के लिए घटनाओं का विश्लेषण किया जाना चाहिए। जैन ने जिला स्तर पर सड़क सुरक्षा समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित करने और सड़क सुरक्षा के संबंध में की जा रही कार्यवाही की प्रगति की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के नियंत्रण के उपाय, सड़क सुरक्षा जागरूकता और दुर्घटना जन्य क्षेत्रों में एम्बुलेंस पहुंचाने, माक ड्रिल और दुर्घटना से घायलों को समुचित उपचार सुनिश्चित करने का पूर्व अभ्यास करने और जरूरी व्यवस्था के संबंध में पहले से ही आवश्यक उपाय तय करने के संबंध में अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा ने भी सड़क सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए। सड़क सुरक्षा परिदृश्य के संबंध में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) के अधिकारी श्री संजय शर्मा ने बताया कि सड़क सुरक्षा जन जागरूकता और सड़क सुरक्षा के विभिन्न प्रयासों के कारण सड़क दुर्घटनाओं में कमी आ रही है। बैठक में समग्र सड़क सुरक्षा परिदृश्य के संबंध में प्रस्तुतीकरण के जरिए जानकारी दी गई कि वर्ष २०२२ में माह जनवरी से दिसम्बर तक राज्य की एक चौथाई दुर्घटनाएं रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर में घटित हुई हैं। इसके अलावा राजनांदगांव, रायगढ़, कोरबा और बलौदाबाजार में भी सड़क दुर्घटनाएं घटित हुई हैं। इसी प्रकार वर्ष २०२३ में माह जनवरी से मार्च २०२३ तक घटित दुर्घटनाओं में सर्वाधिक दुर्घटनाएं बलौदाबाजार, धमतरी, मुंगेली, बालोद, कबीरधाम और जशपुर जिले में घटित हुई हैं। सड़क दुर्घटनाएं न हो इसके लिए यातायात शिक्षा और जन-जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। समस्त सड़क एजेंसियां द्वारा चिन्हित ब्लैक स्पाट, जंक्शन, संकेतक इत्यादि में सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को सतत् प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैठक में सभी जिला सड़क सुरक्षा समितियों की नियमित बैठक के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई दुर्घटना जन्य क्षेत्रों में एम्बुलेंस पहुंचाने और दुर्घटना के गोल्डन आवर में घायलों को समुचित उपचार सुनिश्चित किया गया है। इसी तरह नगरीय प्रशासन विभाग को दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों पर प्रकाश व्यवस्था, साईन बोर्ड एवं होर्डिंग्स और पार्किंक स्थलों में अतिक्रमण हटाने, आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं के रोकथाम हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। आबकारी विभाग को प्रदेश के समस्त देशी-विदेशी मदिरा दुकानों के आस-पास जन जागरूकता संबंधी प्रेरक, फ्लैक्स लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों के विश्लेषण के लिए इटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटा बेस के क्रियान्वयन के लिए परिवहन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य निर्माण विभाग द्वारा एजेंसी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है, ड्राइविंग एवं प्रशिक्षण संस्थान में यातायात पुलिस कर्मियों एवं वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सतत् रूप से जारी रहेगा। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार के लिए सभी मेडिकल कॉलेज एवं जिला चिकित्सालयों में निःशुल्क सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में जिलों के कलेक्टरों द्वारा अपने जिलों की सड़क सुरक्षा परिदृश्य के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में परिवहन विभाग के सचिव  एस.प्रकाश, स्वास्थ्य विभाग के सचिव  प्रसन्ना आर., आदिम जाति कल्याण विभाग के सचिव  डी.डी. सिंह सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित पुलिस एवं परिवहन विभाग और स्वास्थ्य के अधिकारी शामिल हुए।

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