Breaking News

मुख्यमंत्री ने गन्ना विकास ,पशुपालन विभाग, डेरी विकास तथा मत्सय विभाग की योजनाओं की समीक्षा की।

देहरादून (सूचना विभाग) । उत्तराखण्ड में मेरीनों भेड़ पालन को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही आस्ट्रेलियन ब्रीडर से एक एमओयू करने जा रहे हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री  धामी ने डेरी विकास तथा पशुपालन विभाग को उत्तराखण्ड की आर्थिकी में सुधार के उद्देश्य से अन्य प्रदेशों से आयातित दूध व दुग्ध पदार्थो, पोलट्री उत्पादों की निर्भरता को कम करने का लक्ष्य दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में गन्ना विकास विभाग, पशुपालन विभाग, डेरी विकास विभाग तथा मत्सय विभाग की विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट किया कि उक्त विभाग योजनाओं का समयबद्धता के साथ प्रभावी क्रियान्वयन करें। धरातल पर योजनाओं के क्रियान्वयन को मात्र औपचारिकता न समझे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में डेरी विकास के लिए ६०० बहुउददेशीय दुग्ध सहकारी समितियों की स्थापना, चारे की कमी के दृष्टिगत २० फोडर एफपीओं के गठन, दुग्ध समितियों के क्लस्टर में ५० दुग्ध उत्पादक सेवा केन्द्रों की स्थापना, १६ बद्री गाय ग्रोथ सेन्टर की स्थापना, दुग्ध समिति तथा दुग्ध संघ के कार्यो का आटोमेशन, दुग्ध संघों के ओवर हैड व्ययों को कम करने, पर्वतीय क्षेत्रों में सामुदायिक भूमि पर १० लाख चारा वृक्षों के रोपण कर चारे की समस्या को कम करने का कार्य तथा उत्तराखण्ड की समस्त दुग्ध समितियों तथा समस्त दुग्ध संघों को लाभ में लाने के लक्ष्य डेरी विकास विभाग समयबद्धता से पूरे करें। मुख्यमंत्री  धामी ने डेरी विकास विभाग को राज्य में डेरी विकास को प्रोत्साहित करने हेतु डेरी विकास में सफल अन्य राज्यों के अध्ययन के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने पशुपालन विभाग को राज्य में मेरीनों भेड़ों के पालन को बढ़ाने के प्रस्ताव पर गम्भीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। इस दिशा में जल्द ही आस्ट्रेलियन ब्रीडर से एक एमओयू किया जाएगा। गन्ना विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा कि उत्तराखण्ड की चीनी मिलों को ऑपरेशन प्रोफिट में लाने के लिए अधिकारियों को प्रोएक्टिव मोड पर कार्य करना होगा। उन्होंने गन्ना विकास विभाग को अल्पकालिक लक्ष्यों के तहत बाजपुर एवं किच्छा चीनी मिलों के आधुनिकीकरण, राज्य में गन्ना बीज बदलाव, जीपीएस के माध्यम से गन्ना सर्वेक्षण का कार्य तथा प्रदेश में जैविक गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लक्ष्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री धामी को जानकारी दी कि चीनी मिलों द्वारा विगत सत्र के सापेक्ष इस सत्र में १० प्रतिशत अधिक गन्ने की पेराई की गई है। मत्सय विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि राज्य में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मत्स्य उत्पादन हेतु ४६८.६८ हैक्टेयर नए जलक्षेत्रों के विस्तार, ८६३ नए ट्राउट रेसवेज के निर्माण, २०० नये केजो का संयोजन, ३३००० मेट्रिक टन मत्स्य उत्पादन, ८०.० लाख वार्षिक ट्राउट मत्स्य बीज उत्पादन के लक्ष्य को समयबद्धता से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, अपर मुख्य सचिव आनंदवर्धन, सचिव डा० आर मीनाक्षी सुन्दरम, डा० बी वी आर एस पुरूषोत्तम तथा सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

Check Also

From Curiosity to Cosmos: International Lecture Series ‘Voyage through the Cosmos’ Concludes, Bringing Global Science to Rural Classrooms

Ranikhet, Almora (Uttarakhand) -In a remarkable confluence of curiosity, knowledge, and global collaboration, the week-long …