रुद्रप्रयाग (संवाददाता)। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से डीडीआरएफ की टीम ने आपदा के वक्त प्रयोग की जाने वाले तरीकों को प्रयोग के माध्यम से बताया। इस मौके पर रैपेलिंग, क्लाईम्बिंग, जुमारिग, रिवर क्रासिंग, फेस रेस्क्यू आदि विधियों का डेमो किया गया। डीएम मंगेश घिल्डियाल द्वारा विभिन्न विद्यालयों के छात्रों, राजस्व विभाग के कर्मियों एवं पुलिस के जवानों को आपदा प्रशिक्षण से प्रशिक्षित करने के निर्देश को लेकर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यह कार्य किया। राइंका रुद्रप्रयाग के समीप आपदा प्रबन्धन खोज-बचाव प्रशिक्षण स्थल का डेमो का उद्घाटन करते हुए डीएम मंगेश घिल्डियाल ने आपदा प्रबन्धन आधिकारी हरीश चन्द्र एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी चित्रानन्द काला को जिले में आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता के दृष्टिगत विद्यालयों में अध्ययनरत एनएसएस, एनसीसी, स्काउट गाइड, जूनियर एवं यूथ रेडक्रास स्वयंसेवकों एवं राजस्व उपनिरीक्षक एवं पुलिस के जवानों को भी आपदा प्रबन्धन का प्रशिक्षण दिलाया जाए, ताकि आपदा प्रबन्धन जागरूकता के साथ ही आपदा की स्थिति में प्रशिक्षण प्राप्त स्वयंसेवकों का उपयोग किया जा सके। डीडीआरएफ टीम ने चयनित स्थल को आपदा प्रबन्धन खोज-बचाव प्रशिक्षण स्थल तैयार किया गया। उक्त स्थान पर बड़े बोल्डरों के समीप की समस्त झाडिय़ों को साफ कर बोल्डरों को रैपेलिंग एवं क्लाईमिंग आदि के लिए तैयार किया गया है ताकि जनपद स्तर पर आपदा प्रबन्धन प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा सके। डीडीएमओ हरीश चन्द्र ने बताया कि जिला आपदाओं के प्रति संवेदनशील होने के साथ ही आगामी चारधाम यात्रा केदारनाथ में यात्रियों की सुरक्षा, व्यवस्था, सड़क दुर्घटना, वनाग्नि आदि प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं में बेहतर आपदा प्रबन्धन के लिए पूरी तरह सक्षम एवं तैयार रहती है।
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