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मुख्यमंत्री ने प्राविधिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों से चयनित 212 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये

देहरादून (सू0वि0)। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्राविधिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों से चयनित 212 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों के अंतिम वर्ष के इन छात्रछात्राओं को विभिन्न कम्पनियों में नौकरी मिली है। इस वर्ष अभी तक राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों से 65 प्रतिशत युवाओं को रोजगार मिल चुका है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नियुक्ति पत्र सभी युवाओं के सपनों की पहली सीढ़ी है। यह परिश्रम और लगन से किए कार्य का सम्मान भी है। हर छात्र पूर्ण मनोयोग निष्ठा से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि युवाओं को हर क्षेत्र में रोजगार के उचित अवसर मिलें। राज्य के अंदर निजी क्षेत्र भी रोजगार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गैर सरकारी औद्योगिक इकाइयों का विकास हमारी आर्थिक विकास का प्रमुख स्तंभ है। देवभूमि उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, राज्य सरकार इन प्रतिभाओं को राज्य में सही दिशा और उचित अवसर देने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना, विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षो में टेक्नोलॉजी, रोजगार, कौशल विकास के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। देश के अंदर हर क्षेत्र में नौजवानों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में इनोवेशन एवं टेक्नोलॉजी को प्रथमिकता दी गई है। स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं से देश में नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थियों हेतु राज्य में ऑनलाइन ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेंटर का निर्माण किया गया है। जिसके माध्यम से छात्रों को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होने छात्रों से कहा कि आपके द्वारा किए गए कार्य एवं अनुभव ही आपकी पूंजी के रूप में हमेशा आपके पास रहेगा। राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोज़गार से जोड़ना है। बीते 3 सालों में राज्य सरकार ने सरकारी विभागों में 15000 से भी ज्यादा युवाओं को नियुक्तियां दी है। राज्य में भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण रूप से पारदर्शी बनाया गया है। परीक्षा से लेकर नियुक्तियां तक तय समय के अंदर हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में आई पारदर्शिता से युवाओं का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। यह पारदर्शिता युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान लोगों/युवाओं द्वारा नकल विरोधी कानून लागू करने हेतु विशेष रूप से सरकार का आभार व्यक्त किया जा रहा है। यह पारदर्शिता तभी संभव है जब सरकार की नीति और नीयत दोनों साफ हो। राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के लिए निरन्तरता से काम कर रही है। समेकित विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति में उत्तराखण्ड प्रथम स्थान पर आया है। तकनीकी शिक्षा मंत्री  सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता परक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। युवाओं को सीधे रोजगार मिले इसके लिए औद्योगिक संस्थानों की आवश्यकता के हिसाब से नये कोर्स चलाये जा रहे हैं। बच्चों को तकनीकी शिक्षा के माध्यम से रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है। राज्य के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में फाइनल वर्ष के 3500 बच्चों में से 2303 बच्चों को रोजगार से जोड़ दिया गया है। पॉलिटेक्निक कॉलेजों को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा गया है। युवाओं को अन्य देशों में भी रोजगार के अवसर मिले इसके लिए सरकार ने राज्य के पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग कॉलेजों में जर्मन और फ्रेंच भाषा पढ़ाने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि क्वालिटी एजुकेशन के लिए हर कॉलेज में अध्यापकों की नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि केवल सर्विस प्राप्त करना उद्देश्य नहीं होना चाहिए, निजी सेक्टर में अपने समर्पण, ज्ञान, कार्यशैली के माध्यम से सफलता को प्राप्त करना है। जिस भी क्षेत्र में जाएं, उस क्षेत्र में हमेशा सर्वश्रेष्ठ कार्य कर निरन्तर सफलता के मार्ग पर आगे बढ़े। युवाओं को राज्य और समाज के बेहतर भविष्य के लिए सोचना चाहिए। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सैनी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष  राजेंद्र अंथवाल, अपर सचिव तकनीकी शिक्षा स्वाति भदौरिया, निदेशक तकनीकि शिक्षा आरपी गुप्ता, विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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