देहरादून(नेशनल वार्ता) । गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक जोड़ने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने इसके लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर दोनों राज्यों के बीच सहमति बनाई जा रही है।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से हरिद्वार और प्रयागराज समेत प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
इस एक्सप्रेसवे के जुड़ने के बाद हरिद्वार से उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक आवागमन आसान और तेज होने की उम्मीद है। कानपुर जाने वाले यात्रियों के लिए कानपुर की कनेक्टिविटी, उन्नाव जाने वालों के लिए उन्नाव की कनेक्टिविटी और लखनऊ जाने वाले यात्रियों के लिए लिंक मार्गों के जरिए बेहतर पहुंच उपलब्ध हो सकेगी।
वहीं प्रयागराज जाने वाले यात्रियों को सीधे गंगा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर का लाभ मिलेगा। इसके अलावा प्रतापगढ़, आजमगढ़ और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच भी बेहतर होने की उम्मीद है।
गंगा एक्सप्रेसवे का मुख्य कॉरिडोर मेरठ से प्रयागराज तक है और यह उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जिलों को जोड़ता है। हरिद्वार तक इसके विस्तार से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच एक महत्वपूर्ण हाई-स्पीड सड़क कनेक्टिविटी विकसित होने की संभावना है।
इस परियोजना से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को बेहतर एवं तेज आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही धार्मिक पर्यटन, व्यापार और परिवहन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यात्रा समय और परिवहन लागत में कमी आने से दोनों राज्यों के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिल सकती है।
एमओयू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा। हरिद्वार से गंगा एक्सप्रेसवे के जुड़ने से उत्तराखंड और यूपी के बीच कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
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