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हरेला पर मुख्यमंत्री ने किया राज्य स्तरीय पौधारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ, जागेश्वर क्षेत्र के लिए कीं आठ बड़ी घोषणाएं

अल्मोड़ा ।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को गरुड़ाबाज मैदान में हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृहद पौधारोपण कार्यक्रम एवं ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और प्रदेशवासियों से प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि वृद्ध जागेश्वर और जागेश्वर धाम में पूजा-अर्चना से उन्हें नई ऊर्जा और आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त हुई है, जो प्रदेशवासियों की सेवा के लिए निरंतर प्रेरणा देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पहचान के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और नकल विरोधी कानून लागू कर उत्तराखंड ने देश के सामने नई मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा, सुशासन और समर्पण’ के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेशभर में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान चलाया जा रहा है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा अपनी सांस्कृतिक विरासत और बौद्धिक परंपरा के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है तथा राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। वहीं कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेSet featured imageखनीय प्रगति की है तथा हरेला पर्व पर्यावरण संरक्षण का जनआंदोलन बन चुका है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें वृद्ध जागेश्वर का समग्र विकास, मंदिर तक पेयजल योजना, जागेश्वर धाम की पौराणिक धरोहरों एवं आरतोला से जागेश्वर तक स्थित मंदिरों का पर्यटन की दृष्टि से विकास, आरतोला में राज्य अतिथि गृह का निर्माण, जागेश्वर, वृद्ध जागेश्वर और आरतोला क्षेत्र में नए मोबाइल टावर स्थापित करना, आरतोला पार्किंग को मल्टीलेवल पार्किंग में विकसित करना, आरतोला-जागेश्वर मार्ग पर आरसीसी नाली एवं सड़क के शोल्डर का सुदृढ़ीकरण तथा दन्या डिग्री कॉलेज में एमए की कक्षाएं शुरू करना शामिल है। कार्यक्रम में विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री गोविंद पिलख्वाल, कुंदन लटवाल एवं भावना मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैड़ा, पलायन निवारण आयोग के सदस्य अनिल सिंह साही, मेयर अजय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव हिमांशु खुराना, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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