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सीएम धामी की अभिनव पहल, आओ मिलकर उत्तराखंड को बनाएं सशक्त

देहरादून (सूचना विभाग) ।  प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त बनाने के लिये मुख्यमंत्री ने किया विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि समूहों के साथ संवाद।  मुख्यमंत्री की अभिनव पहल आओ मिलकर उत्तराखण्ड को बनायें सशक्त। जनता का हित सर्वोपरि मानकर राज्य के विकास में बनें सहयोगी।  जन सुझाव बनेंगे राज्य के विकास के आधार मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त बनाने के लिये कृषि, बागवानी, उद्योग, व्यापार आदि समूह के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझाव एवं विचारों से अवगत हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबको मिलकर उत्तराखण्ड को सशक्त राज्य बनाने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि इस संवाद से प्राप्त होने वाले सुझावों को आगामी बजट में समावेश करने के प्रयास किये जायेंगे। सुझाव देने वालों को अपने अपने क्षेत्रों की क्रीम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे २१ वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने में भी निश्चित रूप से मदद मिलेगी। प्रदेश के विकास में जन सहभागिता को जरूरी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित हैं इसलिये हमें स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार देने को आंदोलन बनाना होगा। समस्याओं एवं सुझावों का भी हमें मिलकर समाधान ढूंढना है। हमारा प्रयास अंत्योदय की अवधारणा को सर्व स्पर्शी विकास के साथ पूर्ण करने का है। यही हमारा मूल मंत्र भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास में अभिनव पहल के साथ राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विषय विशेषज्ञों के सुझावों पर भी हम कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम चैपाल जन समस्याओं के समाधान एवं उनके सुझावों को जानने का माध्यम बन रहे हैं। होम स्टे योजना भी ग्रामीण आर्थिकी एवं स्वरोजगार के माध्यम बन रहे हैं। वे स्वयं जनपदों के भ्रमण के दौरान होम स्टे में निवास कर रहे हैं। इसका अनुभव अविस्मरणीय एवं आत्मीयता के भाव वाला रहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास गंगा, यमुना, काली, शारदा जैसी नदियों के साथ ७१ प्रतिशत भूभाग वन व पर्वतों वाला है। देवों की हमारे ऊपर कृपा है। हमारे प्रदेश का हर क्षेत्र एक डेस्टिनेशन है। हम अपनी इन समृद्ध विरासतों के साथ आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में भारत के अमृत काल का लक्ष्य भी देश व देशवासियों को विकास के नये शिखर पर पहुंचाना है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत प्रगतिशील देश के रूप में पहचान बना रहा है। कोरोना के बावजूद हमारी अर्थव्यवस्था विश्व में १० वीं से ५वें स्थान पर पहुंची है। देश आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। निर्यात बढ़ रहा है, डिजिटल ट्रांजेक्शन ४० प्रतिशत देश में हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास में नवाचार के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। यह संवाद समस्याओं के समाधान की भी राह प्रशस्त करेगा, इसकी भी उन्होंने उम्मीद जतायी। वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि बजट से पूर्व विषय विशेषज्ञों से सुझाव एवं विचार आमंत्रित करने के ऐसे प्रयास गत वर्ष भी किये गये थे। यहां प्राप्त सुझावों को बजट का हिस्सा बनाने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्यों में शामिल करने के प्रयासों में सरकार के साथ समाज के सभी जिम्मेदार नागरिक एवं विषय विशेषज्ञों की भी बड़ी भूमि रहती है। अपर मुख्य सचिव  आनन्द बर्द्धन ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपसी संवाद की यह अभिनव पहल की गई है। इससे अर्थ व्यवस्था को मजबूती तथा विकास की गति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास, नागरिकों की क्षमता, योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराना तथा नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने के प्रयासों में ऐसे आयोजन प्रेरणा का भी कार्य करते हैं। जिला पंचायत अध्यक्षमधु चैहान एवं मेयर सुनील उनियाल गामा ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर जिन्होंने अपने सुझाव रखे उनमें इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, उत्तराखण्ड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष  संदीप साहनी, दून स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के प्रो. ममगाई, सीआईआई की अध्यक्ष सुश्री सोनिया गर्ग, अध्यक्ष व्यापार मण्डल अनिल गोयल, नथुवावाला वार्ड मेम्बर सुश्री स्वाति डोभाल, प्रधान संघ ऊधम सिंह नगर के अध्यक्ष  भास्कर, आंचल समिति के अध्यक्ष दुष्यंत सिंह रावत, एपल फेडरेशन उत्तराखण्ड के अध्यक्ष  विपिन पैन्यूली, चम्पावत के वागवान हरीश चन्द्र जोशी, मौन उत्पादक संघ की अध्यक्ष निर्मला नेगी, अध्यक्ष स्वर्णा जैविक बासमती उत्पादक संघ यशपाल सिंह राणा आदि शामिल थे। इस अवसर पर सचिव  आर. मीनाक्षी सुंदरम,  दिलीप जावलकर, डॉ पंकज कुमार पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में विषय विशेषज्ञ एवं अधिकारी गण उपस्थित थे।

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