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चाका क्वीली में एक दिवसीय स्काउट-गाइड शिविर का आयोजन, नशामुक्त भारत का दिया संदेश

-नेशनल वार्ता ब्यूरो

-अनुशासन, सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और उत्तराखंड की लोकसंस्कृति से रूबरू हुए छात्र-छात्राएं

चाका क्वीली, टिहरी गढ़वाल । टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर विकासखंड स्थित शहीद हरसिंह राजकीय इंटर कॉलेज, चाका क्वीली में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को एक दिवसीय स्काउट एवं गाइड शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं में अनुशासन, सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता, शारीरिक दक्षता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना तथा उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को स्काउटिंग के सिद्धांतों, व्यावहारिक गतिविधियों, शारीरिक व्यायाम, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और नशामुक्त भारत अभियान के प्रति जागरूक किया गया।
यह शिविर ब्लॉक मुख्य आयुक्त श्रीमती दीप्ति तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, नरेंद्रनगर, टिहरी गढ़वाल के ब्लॉक सचिव श्री जैराम कुशवाहा की अनुमति से आयोजित किया गया। शिविर के आयोजन में विद्यालय परिवार और संबंधित शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्री जोत सिंह असवाल, पीटीए अध्यक्ष श्री दिनेश प्रसाद उनियाल, राजकीय इंटर कॉलेज पोखरी के प्रधानाचार्य श्री आशीष कुमार टम्टा तथा मेजबान विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य श्री संदीप कुमार कर्णवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन शिविर संचालिका डॉ. संध्या पंवार ने किया।
शिविर में जिला संगठन आयुक्त स्काउट श्री आदित्य नारायण तथा ब्लॉक संगठन आयुक्त एवं ब्लॉक शिक्षक संघ अध्यक्ष श्री अनिल कुकरेती ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने स्काउटिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्काउटिंग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए बच्चों में अनुशासन, सहयोग, नेतृत्व, समय की पाबंदी, आत्मविश्वास और जरूरतमंदों की सहायता करने की भावना विकसित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन में स्काउटिंग के सिद्धांतों को अपनाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को स्काउटिंग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसमें प्रथम सोपान और द्वितीय सोपान से संबंधित गांठें बांधने का अभ्यास प्रमुख रहा। विद्यार्थियों को गांठों के महत्व, उनके सही उपयोग तथा स्काउटिंग में उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई।
स्काउटिंग में गांठें बांधना एक महत्वपूर्ण कौशल है, जिसका उपयोग शिविर लगाने, रस्सियों को जोड़ने, सामान व्यवस्थित करने और विभिन्न परिस्थितियों में उपयोगी कार्य करने के लिए किया जाता है। विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न गांठें बांधने का अभ्यास किया।
इसके साथ ही छात्र-छात्राओं को स्काउट झंडा गीत और स्काउट प्रतिज्ञा का अभ्यास कराया गया। उन्हें स्काउटिंग के नियमों, सिद्धांतों और आदर्शों के बारे में बताया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि स्काउट प्रतिज्ञा केवल शब्दों का उच्चारण नहीं, बल्कि जीवन में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और सेवा भावना को अपनाने का संकल्प है।
झंडा गीत के अभ्यास के माध्यम से विद्यार्थियों में संगठन के प्रति सम्मान, एकता और सामूहिक भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। वहीं, स्काउट नियमों के माध्यम से उन्हें दूसरों की सहायता करने, प्रकृति की रक्षा करने, सार्वजनिक संपत्ति का सम्मान करने और समाज में सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा दी गई।
शिविर में विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार, स्वच्छता, आपदा के समय सतर्कता, समूह में कार्य करने और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने जैसे विषयों के महत्व से भी अवगत कराया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन के लिए भी तैयार करना रहा।
शिविर का एक महत्वपूर्ण आकर्षण शारीरिक प्रशिक्षण रहा। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, उत्तराखंड के प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री विश्व प्रकाश मेहरा ने विद्यार्थियों को बीपी सिक्स अर्थात छह निर्धारित शारीरिक व्यायामों के क्रम का अभ्यास कराया। इसके साथ ही उन्होंने छात्र-छात्राओं को सूर्य नमस्कार का अभ्यास भी करवाया।
श्री विश्व प्रकाश मेहरा ने विद्यार्थियों को शारीरिक व्यायाम के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का विकास होता है। नियमित व्यायाम से शरीर सक्रिय रहता है, एकाग्रता बढ़ती है और विद्यार्थियों में अनुशासन तथा आत्मविश्वास विकसित होता है।
बीपी सिक्स के अभ्यास के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न शारीरिक गतिविधियों को निर्धारित क्रम में करने का प्रशिक्षण लिया। सूर्य नमस्कार के माध्यम से उन्हें योग, शारीरिक लचीलेपन, संतुलन और नियमित दिनचर्या के महत्व से परिचित कराया गया।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपने दैनिक जीवन में व्यायाम और योग को स्थान दें तथा पढ़ाई के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। स्काउटिंग का उद्देश्य केवल शारीरिक रूप से सक्रिय बनाना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत, अनुशासित और जिम्मेदार बनाना भी है।
श्री विश्व प्रकाश मेहरा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अभ्यास में भाग लिया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित शारीरिक गतिविधियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
शिविर के अंतर्गत नशामुक्त भारत अभियान को भी प्रमुखता दी गई। विद्यार्थियों ने चाका बाजार में जागरूकता रैली निकालकर स्थानीय लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।
रैली के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने लोगों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवन अपनाने और युवाओं को नशामुक्त वातावरण उपलब्ध कराने का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने इस बात पर जोर दिया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके पारिवारिक और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है।
शिविर में विद्यार्थियों को समझाया गया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए परिवार, विद्यालय और समाज को मिलकर प्रयास करना आवश्यक है।
बच्चों को अपने आसपास के लोगों को जागरूक करने, नशे से संबंधित समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
इस जागरूकता रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि युवा पीढ़ी यदि दृढ़ संकल्प के साथ आगे आए, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
शिविर में स्काउटिंग से संबंधित गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और स्थानीय संस्कृति के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना व्यक्त की।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना तथा उन्हें यह समझाना भी रहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी भाषा, परंपराओं और लोकसंस्कृति का संरक्षण करना आवश्यक है।
विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बनाया। इस प्रकार शिविर में शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास से जुड़ी गतिविधियों को एक साथ स्थान दिया गया।
इस एक दिवसीय शिविर में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं और प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निगेर के प्रधानाचार्य श्री यशपाल गुसाईं, राणाकोट से भौतिक विज्ञान प्रवक्ता और भारत स्काउट गाइड के प्रादेशिक मिडिया प्रभारी श्री विश्व प्रकाश मेहरा, खरसाड़ा से श्री देवी सिंह बिजल्वाण, नौघर से श्री करम सिंह विहानिया तथा पोखरी की शिक्षिका श्रीमती दिव्या जसवान सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही।
इसके अतिरिक्त मेजबान विद्यालय के शिक्षक-कर्मचारियों ने भी शिविर की विभिन्न गतिविधियों में सहयोग प्रदान किया।
मेजबान विद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज, चाका  के गणित के सहायक अध्यापक श्री महिपाल सजवाण, भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता श्री के.के. बिजल्वाण, अंग्रेजी के प्रवक्ता श्री एस.पी. गैरोला, अंग्रेजी के सहायक अध्यापक श्री महाराज सिंह राणा, रसायन विज्ञान की प्रवक्ता श्रीमती इंदु शर्मा, प्रयोगशाला सहायक श्री लोकेन्द्र बिजल्वाण, चित्रकला की सहायक अध्यापिका श्रीमती नीतू साही, हिंदी की प्रवक्ता श्रीमती शिखा उनियाल तथा हिंदी के सहायक अध्यापक श्री विपिन बहुगुणा ने भी कार्यक्रम में सहयोग दिया।
सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मचारियों के सहयोग से विद्यार्थियों को शिविर की गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिला। विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों को एक-दूसरे के साथ सीखने, विचार साझा करने और सामूहिक रूप से कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह

शिविर के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करना रहा। इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर प्रदान करती हैं।
स्काउटिंग में सामूहिक गतिविधियों का विशेष महत्व होता है। इसके माध्यम से विद्यार्थी एक-दूसरे का सहयोग करना, जिम्मेदारियां निभाना और निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मिलकर कार्य करना सीखते हैं।
शिविर का सफल आयोजन मेजबान विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य श्री संदीप कुमार कर्णवाल के कुशल नेतृत्व और विद्यालय परिवार के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम संचालिका डॉ. संध्या पंवार की भूमिका भी सराहनीय रही।
शिविर के माध्यम से छात्र-छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक अनुशासित, आत्मनिर्भर, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनना भी है।
स्काउटिंग विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने, दूसरों की सहायता करने, समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देती है।
कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से नई जानकारियां प्राप्त कीं। शिविर ने विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग, नेतृत्व, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के महत्व को मजबूत करने का प्रयास किया।
अंत में नशामुक्त समाज के निर्माण, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, अपनी संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यनिष्ठ रहने का संदेश दिया गया।
शहीद हरसिंह राजकीय इंटर कॉलेज, चाका क्वीली में आयोजित यह एक दिवसीय स्काउट-गाइड शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक जागरूकता और सेवा भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
शिविर का संदेश स्पष्ट रहा—अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाएं, जरूरतमंदों की सहायता करें, नशे से दूर रहें, स्वस्थ जीवन अपनाएं और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए एक सशक्त, जागरूक और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।(प्रेषक -विश्व प्रकाश मेहरा, मीडिया कोऑर्डिनेटर, भारत स्काउट गाइड उत्तराखंड )

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