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राजकीय पॉलीटेक्निक रानीपोखरी में छात्रावास एंव वाउड्रीवाल के भूमि पूजन एवं शिलान्यास का किया कार्यक्रम

-नेशनल वार्ता न्यूज़

देहरादून ।  आज दिनांक 15 मार्च 2024 को राजकीय पॉलीटेक्निक रानीपोखरी में छात्रावास एंव वाउड्रीवाल के भूमि पूजन एवं शिलान्यास का कार्यक्रम विधि-विधान के साथ माननीय कैबिनेट मंत्री तकनीकी शिक्षा, वन, भाषा एव निर्वाचन सुबोध उनियाल के कर कमलों द्वारा सम्पन्न किया गया। जिसकी निर्माण लागत 710.49 लाख रूपये है तथा इसका निर्माण एक वर्ष में पूर्ण होगा। माननीय मंत्री जी द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त नाबार्ड योजना के अन्तर्गत राजकीय पालीटेक्निक रानीपोखरी में छात्रावास का निर्माण होगा जिससे एक ओर तो संस्था में ए0आई0सी0टी0ई0 के मानक की प्राप्ति होगी साथ ही अवस्थापना सुविधा प्राप्त होने पर दूरस्थ ग्रामीण अँचल से पढ़ने आये छात्रों के सर्वागीण विकास होगा। शैक्षिक संस्थानों के विकास में सरकार अधिक से अधिक संसाधन उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है। माननीय मंत्री जी ने कहा कि हमारा उद्देश्य तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ नवीन तकनीकीयों के माध्यम से राज्य के युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें इतना हुनरमंद बनाना है कि युवा शक्ति को रोजगार के पीछे न भागना पड़े, अपितु रोजगार स्वयं उनके द्वार पर आये। राजकीय पालीटेक्निक रानीपोखरी में पुरानी कोर ब्रान्च सिविल, मैकेनिकल एवं इलैक्ट्रिकल इंजी0 के अतिरिक्त एक नई इमरजिंग ब्रान्च मैकेट्रोनिक्स इंजी0 प्रारम्भ की गयी है। मा0 मंत्री जी द्वारा अवगत कराया गया कि चाहे अवस्थापना सुविधा हो, साज-सज्जा हो, कम्प्यूटर्स हों, किताबें, हो अथवा स्टाफ की व्यवस्था हो, इस पॉलीटेक्निक को कोई भी कमी नहीं होने दी जायेगी। देहरादून जिले का यह पॉलीटेक्निक आज राजकीय पॉलीटेक्निक देहरादून के साथ साथ अन्य पॉलीटेक्निकों के साथ कम्पीटिशन की एक सकारात्मक भूमिका निभा रहा है और ये अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि आपको सबसे आगे रहना है, स्वरोजगार की तरफ भी कदम बढ़ाना है। सरकार ने बहुत सारी योजनाएं युवाओं के जिए सौगात के रूप में दी हैं जिसमें उत्तराखण्ड एक जिला दो उत्पाद, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना, उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनाएं प्रमुख हैं। छात्र इन योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। हम रोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं जिसके परिणाम स्वरूप छात्र-छात्राओं को अच्छा रोजगार प्राप्त हो रहा है। विगत वर्ष लगभग 65 प्रतिशत छात्र छात्राओं को रोजगार मिला इस वर्ष 75 प्रतिशत का लक्ष्य है। मा0 मंत्री जी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा मंत्री के रूप में मुझे लगभग 02 वर्ष हो गये हैं लेकिन इस क्षेत्र में मेरा लगाव एवं रूचि के कारण मेरा मुख्य प्रयास संस्थानों में उपरोक्त कमियों को पूर्ण करने के साथ साथ पर्याप्त फैकल्टी देने का है। लोक सेवा आयोग के चयन में विलम्ब के दृष्टिगत हमनें आउटसोर्स के माध्यम से दक्ष युवाओं को योजित करने का कार्य किया है। हमारे उत्तराखण्ड में छात्रों के पास ज्ञान की कमी नहीं है, लेकिन दूरस्थ स्थानों से आने के कारण उनके प्रस्तुतिकरण, भाषाई सम्बोधन, मुख्यतः अंग्रेजी भाषा में बोलचाल आदि में पीछे रहने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर हमारी युवा पीढ़ी पीछे रह जाती है। इसी कड़ी में हम लोग प्रयासरत हैं कि छात्र छात्राओं को सॉफ्ट स्किल में आगे लाया जाए। इस क्रम में हमारी सरकार द्वारा तकनीकी शिक्षा विभाग के पॉलीटेक्निक संस्थाओं में उच्च स्तरीय लैंग्वेज लैबोरेट्री की स्थापना की गयी है। इस अवसर पर निदेशक तकनीकी शिक्षा आर0पी0 गुप्ता जी द्वारा अवगत कराया गया कि संस्था में अवस्थापना सुविधाओं हेेतु अब तक सरकार द्वारा इस संस्थान को कुल 25 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। उन्होने कहा कि हमेशा हमारी यह कोशिश रहती है कि तकनीकी शिक्षा विभाग विभिन्न क्षेत्रों में उत्तरोत्तर उन्नति करे जिससे हमारे छात्र-छात्रायें एक अच्छा रोजगार प्राप्त करने में सफल हों और वे अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने राज्य का नाम रौशन करें।  देश राज, अपर निदेशक द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव दिया गया। इस अवसर पर डॉ0 मुकेश पाण्डेय, परीक्षा नियंत्रक उत्तराखण्ड प्राविधिक शिक्षा परिषद् रूड़की, ए0के0 पाठक प्रधानाचार्य, राजकीय पालीटेक्निक रानीपोखरी, अरविन्द सिंह सजवाण, परियोजना प्रबन्धक उत्तराखण्ड पेयजल संसाधन एवं निर्माण निगम ऋषिकेश इकाई एवं प्राविधिक शिक्षा विभाग के सभी शिक्षक गण-कर्मचारीगण, समस्त छात्र/छात्राएं एवं क्षेत्र के गणमान्य जन कार्यक्रम में उपस्थित रहे। संस्था के प्रधानाचार्य महोदय द्वारा सभी का स्वागत किया गया।

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