देहरादून (नेशनल वार्ता ) । उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार के पाँच वर्ष पूरे होने पर प्रदेश विकास और सुशासन के नए दौर का साक्षी बना है। इन पाँच वर्षों में राज्य ने आधारभूत ढाँचे, पर्यटन, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। सरकार का दावा है कि पारदर्शी प्रशासन, त्वरित निर्णय और जनहित को केंद्र में रखकर विकास की नई दिशा तय की गई। धामी सरकार के कार्यकाल में चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाया गया। सड़क, पुल, सुरंग और ऑल वेदर रोड जैसी परियोजनाओं ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत किया। निवेश को बढ़ावा देने के लिए आयोजित निवेश सम्मेलनों से औद्योगिक विकास को गति मिली और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए। सरकार ने नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की दिशा में उठाए गए कदम, महिला सुरक्षा को लेकर विभिन्न पहल, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और शिक्षा क्षेत्र में सुधार को भी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिना जा रहा है। पर्यटन के क्षेत्र में केदारनाथ, बदरीनाथ, मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश, औली और जिम कॉर्बेट जैसे प्रमुख स्थलों को नई पहचान दिलाने के लिए सुविधाओं का विस्तार किया गया। धार्मिक, साहसिक और प्रकृति पर्यटन को बढ़ावा देने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली। सरकार का कहना है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए लगातार प्रयास किए गए।
किसानों, महिलाओं, युवाओं, गरीब परिवारों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए कई योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। आने वाले वर्षों में भी उत्तराखंड को विकास, सुशासन और समृद्धि की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।
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