Breaking News
7866thbuy

नाबालिक बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को मृत्युदंड की सजा

7866thbuy

देहरादून (संवाददाता)। 11 वर्षीय नाबालिक बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को न्यायालय से मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाई है। सहसपुर के सभावाला स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में बीते वर्ष हुई घटना के दोषी पर कुल 45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसमें 20 हजार रुपये पीडि़त पक्ष को दिए जाएंगे। जुर्माना नहीं चुकाने पर दोषी को दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायालय से अपराध पीडि़त सहायता कोष से भी पीडि़ता के परिजनों को एक लाख रुपये मदद के तौर पर दिए जाने का आदेश दिया है। घटना बीते वर्ष जुलाई महीने में सहसपुर थाना क्षेत्र स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर के निर्माणाधीन हिस्से में हुई थी। कॉलेज परिसर में निर्माण के काम में लगे मजदूरों के परिवार वहां झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। 28 जुलाई 2018 की सुबह मध्यप्रदेश के एक मजदूर की 11 वर्षीय बेटी गायब हो गई। गायब होने से पहले वह अपने छोटे भाई-बहन के साथ खेल रही थी। काफी देर तलाश के बाद बच्ची का शव कॉलेज के निर्माणाधीन हिस्से में ईंटों के नीचे कपड़े में बंधा मिला था। पुलिस ने बच्ची का शव बरामद कर उससे दुष्कर्म और हत्या के आरोप में निर्माण के काम मे लगे मजदूर जय प्रकाश पुत्र रामजस तिवारी निवासी निमकपुर थाना कंबलगंज जिला फैजाबाद (यूपी) को गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ जांच कर दो महीने के भीतर सहसपुर थाना पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि सोमवार को स्पेशल जज पोक्सो रमा पाण्डेय की अदालत ने आरोपी जय प्रकाश को धारा 302, 201, 376, 377 और पोक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया थी। दोषी जय प्रकाश को न्यायालय ने बुधवार को सजा सुनाई। दुष्कर्म में आजीवन कारवास और 20 हजार रुपये जुर्माना, हत्या में मृत्युदंड और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा दी गई है। साक्ष्य छिपाने के दोष में भी पांच वर्ष सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कपड़े-कट्टे में बांधकर दफना दिया था शव- 11 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के बाद दोषी ने खुद को बचाने के लिए बच्ची के शव को कपड़े और कट्टे से बांधकर ईंट के ढेर में दबा दिया था। लापता बच्ची की तलाश कर रही पुलिस को भी बच्ची का शव ढूंढऩे के लिए मशक्कत करनी पड़ी थी।

Check Also

Dehradun’s Journey Towards Cleanliness: From Waste Collection to Civic Responsibility

For a city like Dehradun, the capital of Uttarakhand and the gateway to several important …

Leave a Reply