श्रीनगर गढ़वाल (संवाददाता)। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के तत्वावधान में गणित शिक्षकों के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला बिड़ला परिसर में बुधवार को संपन्न हो गई। पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली जिलों के विभिन्न स्कूलों के 40 शिक्षकों ने इस कार्यशाला में प्रतिभाग किया। साथ ही उन्होंने गणित शिक्षण की विभिन्न नई तकनीकियों और विधियों को लेकर प्रशिक्षण लिया। समापन सत्र के मुख्य अतिथि अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक महावीर ङ्क्षसह बिष्ट ने कहा कि शिक्षण विधि में आ रहे बदलाव को लेकर हर शिक्षक को तैयार रहने के साथ ही अपडेट भी रहना होगा। उन्होंने कहा कि समय बदलने के साथ ही पढ़ाने की तकनीकियों में भी बदलाव आया है। महावीर ङ्क्षसह बिष्ट ने बच्चे को केंद्र में रखकर शिक्षण कार्य किए जाने पर विशेष जोर दिया। कार्यशाला के मुख्य संदर्भदाता रविकांत ने कहा कि गणित शिक्षण को लेकर बच्चों को सहज माहौल भी देना चाहिए। जिससे बच्चे शुरू से ही गणित में आनंद भी ले सकें। प्रवीण अणथ्वाल, डॉ. गीता नौटियाल, अमित चमोली, शिवाली, भागचंद केशवानी, जगमोहन ङ्क्षसधवाल ने गणित विषय को लेकर किए गए अपने शोध पत्र भी प्रस्तुत किए। डायट प्राचार्य पौड़ी डॉ. एनपी उनियाल ने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम को शिक्षकों के लिए बहुत उपयोगी बताया।
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